Baba Ramdev in Hindi

विकसित करना है

मनुष्य का जन्म ही, दर्द व पीडा के साथ होता है. अत: जीवन भर जीवन में काँटे ही रहेंगे. उन काँटों के बीच तुम्हें गुलाब के फूलों की तरह, अपने जीवन-पुष्प को विकसित करना है.
– Baba Ramdev

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पवित्र विचार-प्रवाह

पवित्र विचार-प्रवाह ही जीवन है तथा विचार-प्रवाह का विघटन ही मत्यु है.
– Baba Ramdev

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विचारवान व संस्कारवान

विचारवान व संस्कारवान व्यक्ति ही अमीर व महान है तथा विचारहीन व्यक्ति कंगाल व दरिद्र है.
– Baba Ramdev

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अधिक ही प्रदान करते हैं

भगवान सदा हमें हमारी क्षमता व मेहनत से अधिक ही प्रदान करते हैं.
– Baba Ramdev

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भीतर से आता है

सुख बाहरी दुनिया से नहीं हमारे भीतर से आता है.
– Baba Ramdev

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खिलाफ नहीं हो सकते

यदि बचपन व माँ की कोख की याद हमें रहे तो हम कभी भी माँ-बाप के खिलाफ नहीं हो सकते.
– Baba Ramdev

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माता-पिता

माता-पिता के चरणों में ही चारों धाम हैं. माता-पिता इस धरती के भगवान हैं.
– Baba Ramdev

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तुम्हें प्रसन्नता मिलेगी

सदा ही चेहरे पर प्रसन्नता व मुस्कान रखो. दूसरों को प्रसन्नता दो, तुम्हें प्रसन्नता मिलेगी.
– Baba Ramdev

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अतीत को कभी भूलो मत

अतीत को कभी भूलो मत, अतीत का बोध हमें गलतियों से बचाता है.
– Baba Ramdev

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अतीत को कभी भूलो मत

अतीत को कभी भूलो मत, अतीत का बोध हमें गलतियों से बचाता है.
– Baba Ramdev

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महामानव बन सकते हैं

हम अपनी आन्तरिक क्षमताओं का अगर पूरा उपयोग करें तो हम पुरुष से महापुरुष, मानव से महामानव बन सकते हैं.
– Baba Ramdev

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जीवन का अपमान है

जीवन को छोटे उद्देश्यों के लिए जीना, जीवन का अपमान है.
– Baba Ramdev

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जीवन भगवान की सबसे बडी सौगात है

जीवन भगवान की सबसे बडी सौगात है और मनुष्य का जन्म भगवान का हमारे लिए सबसे बडा उपहार है.
– Baba Ramdev

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जब मेरा अन्तर्जागरण हुआ

जब मेरा अन्तर्जागरण हुआ तो मैंने स्वयं को सम्बोधि वृक्ष की छाया में पूर्ण तृप्त पाया.
– Baba Ramdev

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कर्म ही मेरा धर्म है

कर्म ही मेरा धर्म है.कर्म ही मेरी पूजा है.
– Baba Ramdev

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प्रेम ही सच्चा प्रेम है

माता-पिता का बच्चों के प्रति, आचार्य का शिष्यों के प्रति, राष्ट्रभक्त का मातृभूमि के प्रति प्रेम ही सच्चा प्रेम है.
– Baba Ramdev

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समर्पण होता हैं

जहाँ मैं और मेरा जुड़ जाता है वहाँ ममता, प्रेम, करुणा व समर्पण होता हैं.
– Baba Ramdev

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विश्वास की परिकाष्ठा है

प्रेम, वासना नहीं उपासना है. वासना का उत्कर्ष प्रेम की हत्या है, प्रेम समर्पण व विश्वास की परिकाष्ठा है.
– Baba Ramdev

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मनुष्य को उग्र बनाता है

आहार से मनुष्य का स्वभाव और प्रक्रति तय होती है. शाकाहार से स्वभाव शांत रहता है और मांसाहार मनुष्य को उग्र बनाता है.
– Baba Ramdev

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बिना सेवा

बिना सेवा के चित्त शुद्धि नहीं होती और चित्त शुद्धि के बिना परमतत्व की अनुभूति नहीं होती.
– Baba Ramdev

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