Jawaharlal Nehru in Hindi

आज का पुरुषार्थ

आज का पुरुषार्थ ही कल का भाग्य है।
– Anonymous

Comments Off on आज का पुरुषार्थ

रुख नहीं बदल सकते

आप तस्वीर के चेहरे दीवार की तरफ मोड़ के इतिहास का रुख नहीं बदल सकते.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on रुख नहीं बदल सकते

राख में मिल जाते हैं

बिना शांति के , और सभी सपने खो जाते हैं और राख में मिल जाते हैं.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on राख में मिल जाते हैं

हम वास्तविकता में क्या हैं

हम वास्तविकता में क्या हैं वो और लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं उससे कहीं अधिक मायने रखता है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on हम वास्तविकता में क्या हैं

रोमांच का कोई अंत नहीं है

हम एक अद्भुत दुनिया में रहते हैं जो सौंदर्य, आकर्षण और रोमांच से भरी हुई है. यदि हम खुली आँखों से खोजे तो यहाँ रोमांच का कोई अंत नहीं है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on रोमांच का कोई अंत नहीं है

अच्छी शारीरिक स्थिति में होना

अच्छी नैतिक स्थिति में होना कम से कम उतना ही प्रशिक्षण मांगता है जितना कि अच्छी शारीरिक स्थिति में होना.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on अच्छी शारीरिक स्थिति में होना

क्या महसूस किया

समय सालों के बीतने से नहीं मापा जाता बल्कि किसी ने क्या किया, क्या महसूस किया , और क्या हांसिल किया इससे मापा जाता है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on क्या महसूस किया

खतरनाक कुछ भी नहीं है

शायद जीवन में भय से बुरा और खतरनाक कुछ भी नहीं है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on खतरनाक कुछ भी नहीं है

विचार के लिए ठीक नहीं है

पूर्ण रूप से आन्दोलनकारी रवैया किसी विषय के गहन विचार के लिए ठीक नहीं है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on विचार के लिए ठीक नहीं है

सभी खतरों में सबसे बड़ा है

बहुत अधिक सतर्क रहने की नीति सभी खतरों में सबसे बड़ा है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on सभी खतरों में सबसे बड़ा है

सबसे कम गुनी होता है

जो व्यक्ति अधिकतर अपने ही गुणों का बखान करता रहता है वो अक्सर सबसे कम गुनी होता है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on सबसे कम गुनी होता है

जो व्यक्ति भाग जाता है

जो व्यक्ति भाग जाता है वह शांत बैठे व्यक्ति की तुलना में अधिक खतरे में पड़ जाता है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on जो व्यक्ति भाग जाता है

सह- विनाश

सह- अस्तित्व का केवल एक विकल्प है सह- विनाश.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on सह- विनाश

सबकुछ पा चुका है

जो व्यक्ति जो सबकुछ पा चुका है वह हर एक चीज शांति और व्यवस्था के पक्ष में चाहता है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on सबकुछ पा चुका है

गरीब बना देंगी

यदि पूंजीवादी समाज की शक्तियों को अनियंत्रित छोड़ दिया जाए तो वो अमीर को और अमीर और गरीब को और गरीब बना देंगी.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on गरीब बना देंगी

सही दर्पण है

लोगों की कला उनके दिमाग का सही दर्पण है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on सही दर्पण है

समाजवाद

समाजवाद…ना केवल जीने का तरीका है, बल्कि सामजिक और आर्थिक समस्यों के निवारण के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on समाजवाद

शांति राष्ट्रों का सम्बन्ध नहीं है

शांति राष्ट्रों का सम्बन्ध नहीं है. यह एक मन: स्थिति है जो आत्मा की निर्मलता से आती है . शांति सिर्फ युद्ध का अभाव नहीं है.यह मन की एक अवस्था है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on शांति राष्ट्रों का सम्बन्ध नहीं है

हमारे अन्दर सबसे बड़ी कमी यह है

हमारे अन्दर सबसे बड़ी कमी यह है कि हम चीजों के बारे में बात ज्यादा करते हैं और काम कम.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on हमारे अन्दर सबसे बड़ी कमी यह है

वफादार और कुशल

वफादार और कुशल महान कारण के लिए कार्य करते हैं, भले ही उन्हें तुरंत पहचान ना मिले, अंततः उसका फल मिलता है.
– Jawaharlal Nehru

Comments Off on वफादार और कुशल
Page 1 of 41234