Karl Marx in Hindi

अपनाने का प्रयास करो

किसी के गुणों की प्रशंसा करने में अपना समय मत बरबाद मत करो, उसके गुणों को अपनाने का प्रयास करो।
– Karl Marx

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लोगों की खुशी

लोगों की खुशी के लिए पहली जरूरत है धर्म का खात्मा।
– Karl Marx

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मशीनरी का उपयोग बढ़ता है

जितना अधिक श्रम का विभाजन और मशीनरी का उपयोग बढ़ता है , उतना ही श्रमिकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढती है , और उतनी ही उनका वेतन कम होता जाता है।
– Karl Marx

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लोगों के विचार

लोगों के विचार उनकी भौतिक स्थिति के सबसे प्रत्यक्ष उद्भव हैं .
– Karl Marx

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वह इसे बना नहीं सकता

लेखक इतिहास के किसी आन्दोलन को शायद बहुत अच्छी तरह से बता सकता है, लेकिन निश्चित रूप से वह इसे बना नहीं सकता .
– Karl Marx

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चिकित्सा

चिकित्सा संदेह तथा बीमारी को भी ठीक करती है .
– Karl Marx

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शाशन करता है

शाशक वर्ग के विचार हर युग में सत्तारूढ़ विचार होते हैं, यानि जो वर्ग समाज की भौतिक वस्तुओं पर शाशन करता है , उसी समय में वह उसके बौद्धिक बल पर भी शाशन करता है।
– Karl Marx

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शायद ये कहा जा सकता है

शायद ये कहा जा सकता है कि मशीनें विशिष्ट श्रम के विद्रोह को दबाने के लिए पूंजीपतियों द्वारा लगाए गए हथियार हैं .
– Karl Marx

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लेखक को पैसा कमाना चाहिए

जीने और लिखने के लिए लेखक को पैसा कमाना चाहिए , लेकिन किसी भी सूरत में उसे पैसा कमाने के लिए जीना और लिखना नहीं चाहिए .
– Karl Marx

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क्रांतियाँ

क्रांतियाँ इतिहास के इंजिन हैं .
– Karl Marx

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बिना उपयोग

बिना उपयोग की वस्तु हुए किसी चीज की कीमत नहीं हो सकती .
– Karl Marx

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कारण हमेशा से अस्तित्व में रहे हैं

कारण हमेशा से अस्तित्व में रहे हैं , लेकिन हमेशा उचित रूप में नहीं .
– Karl Marx

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इतिहास रहा है

पिछले सभी समाजों का इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास रहा है.
– Karl Marx

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व्यक्ति खड़ा होता है

समाज व्यक्तियों से नहीं बना होता है बल्कि खुद को अंतर संबंधों के योग के रूप में दर्शाता है, वो सम्बन्ध जिनके बीच में व्यक्ति खड़ा होता है .
– Karl Marx

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धर्म दीन प्राणियों का विलाप है

धर्म दीन प्राणियों का विलाप है , बेरहम दुनिया का ह्रदय है और निष्प्राण परिस्थितियों का प्राण है . यह लोगों का अफीम है .
– Karl Marx

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समाज का दबाव ना हो

पूँजी मजदूर की सेहत या उसके जीवन की लम्बाई के प्रति लापरवाह है ,जब तक की उसके ऊपर समाज का दबाव ना हो .
– Karl Marx

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यह बिल्कुल असंभव है

यह बिल्कुल असंभव है कि प्रकृति के नियमों से ऊपर उठा जाए . जो ऐतिहासिक परिस्थितियों में बदल सकता है वह महज वो रूप है जिसमे ये नियम खुद को क्रियान्वित करते हैं .
– Karl Marx

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बहुत अधिक बढ़ा दी है

बिना किसी शक के मशीनों ने समृद्ध आलसियों की संख्या बहुत अधिक बढ़ा दी है .
– Karl Marx

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धर्म का अंत है

लोगों की ख़ुशी के लिए पहली आवश्यकता धर्म का अंत है .
– Karl Marx

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लोगों की प्रशंशा करता है

अनुभव सबसे खुशहाल लोगों की प्रशंशा करता है , वे जिन्होंने सबसे अधिक लोगों को खुश किया .
– Karl Marx

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