Swami Vivekananda in Hindi

भाग्य का निर्माण करता है

मृत अतीत को दफना दो, अनंत भविष्य तुम्हारे सामने है और स्मरण रखो कि प्रत्येक शब्द, विचार और कर्म तुम्हारे भाग्य का निर्माण करता है।
– Swami Vivekananda

Comments Off on भाग्य का निर्माण करता है

जीवन का रहस्य

जीवन का रहस्य भोग में नहीं, पर अनुभव के द्वारा शिक्षा-प्राप्ति में है।
– Swami Vivekananda

Comments Off on जीवन का रहस्य

यही दुनिया है

यही दुनिया है जो तुम्हे कोई महत्व नहीं देती, जब तुम किसी पर उपकार करते हो पर जब तुम उस काम को बंद कर देते हो तो तुम्हे बदनाम करना शुरू कर देती है.
– Swami Vivekananda

Comments Off on यही दुनिया है

आत्मा के लिए कुछ असंभव है

तुम ये कभी मत सोचो कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है. ऐसा सोचना तो सबसे बड़ा अधर्म है. अगर कोई पाप है, तो वो यही है; की, ये कहना तुम निर्बल हो या अन्य लोग निर्बल हैं.
– Swami Vivekananda

Comments Off on आत्मा के लिए कुछ असंभव है

विश्वास नहीं कर सकते

जब तक हम खुद पे विश्वास नहीं करते तब तक हम भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते.
– Swami Vivekananda

Comments Off on विश्वास नहीं कर सकते

विश्वास नहीं कर सकते

जब तक हम खुद पे विश्वास नहीं करते तब तक हम भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते.
– Swami Vivekananda

Comments Off on विश्वास नहीं कर सकते

वही व्यक्ति

केवल वही व्यक्ति सब की उपेक्षा उत्तम रूप से करता है जो पूर्णतया निस्वार्थी है, जिसे न धन की लालसा है, न कीर्ति की और न अन्य किसी वस्तु की।
– Swami Vivekananda

Comments Off on वही व्यक्ति

सोना और हीरा है

ज्ञान ही वास्तविक सोना और हीरा है।
– Swami Vivekananda

Comments Off on सोना और हीरा है

उठो

उठो, जागो और तब तक न रूको, जब तक लक्ष्य तक न पहुँच जाओ|
– Swami Vivekananda

Comments Off on उठो

अनुभव के द्वारा शिक्षा-प्राप्ति में है

जीवन का रहस्य भोग में नहीं, पर अनुभव के द्वारा शिक्षा-प्राप्ति में है।
– Swami Vivekananda

Comments Off on अनुभव के द्वारा शिक्षा-प्राप्ति में है

कामनाएँ समुद्र की भाँति अतृप्त हैं

कामनाएँ समुद्र की भाँति अतृप्त हैं। पूर्ति का प्रयास करने पर उनका कोलाहल और बढ़ता है।
– Swami Vivekananda

Comments Off on कामनाएँ समुद्र की भाँति अतृप्त हैं

उठो जागो

उठो जागो और लक्ष्य तक मत रुको|
– Swami Vivekananda

Comments Off on उठो जागो

विश्वास अँधा है

विश्वास अँधा है, अनुभव ही सत्य है.
– Swami Vivekananda

Comments Off on विश्वास अँधा है

मेरी महत्वकांक्षा है

ये पूरा जीवन ही सपनों का सिलसिला है.मैं सचेत स्वप्न-दृष्टा बनू, ये ही मेरी महत्वकांक्षा है.
– Swami Vivekananda

Comments Off on मेरी महत्वकांक्षा है

किसी का शरीर नहीं रहेगा

सभी मरेंगे- साधु या असाधु, धनी या दरिद्र- सभी मरेंगे। चिर काल तक किसी का शरीर नहीं रहेगा।
– Swami Vivekananda

Comments Off on किसी का शरीर नहीं रहेगा

संन्यास का अर्थ है

संन्यास का अर्थ है, मृत्यु के प्रति प्रेम।
– Swami Vivekananda

Comments Off on संन्यास का अर्थ है

असली सन्यास मन से होता

असली सन्यास मन से होता, केवल भगवे वस्त्र पहन लेना सन्यास नहीं है|
– Swami Vivekananda

Comments Off on असली सन्यास मन से होता

अकेले संन्यासी ही निडर होता है

दुनिया में सब कुछ डर से भरा है : अकेले संन्यासी ही निडर होता है ।
– Swami Vivekananda

Comments Off on अकेले संन्यासी ही निडर होता है

ब्रह्माण्ड कि सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं

ब्रह्माण्ड कि सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है!
– Swami Vivekananda

Comments Off on ब्रह्माण्ड कि सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं

सामने सिर मत झुकाओ

तुम अपनी अंत:स्थ आत्मा को छोड़ किसी और के सामने सिर मत झुकाओ।
– Swami Vivekananda

Comments Off on सामने सिर मत झुकाओ
Page 1 of 612345Last »